गिरिडीह: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर कथित गड़बड़ियों के विरोध में मंगलवार को गिरिडीह में कांग्रेस और भाकपा माले के कार्यकर्ताओं ने प्रतिवाद मार्च निकाला। मार्च के दौरान नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
प्रतिवाद मार्च की शुरुआत झंडा मैदान से हुई। यहां से कार्यकर्ताओं का काफिला नटराज चौक स्थित बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के पास पहुंचा। नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद मार्च टावर चौक, कालीबाड़ी चौक और बड़ा चौक होते हुए गांधी चौक पहुंचा, जहां महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष सभा आयोजित की गई।
सभा को संबोधित करते हुए माले के पूर्व विधायक राजकुमार यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए और उन्हें पद से हटाने के साथ गिरफ्तारी की मांग की। वहीं, बगोदर के पूर्व विधायक विनोद सिंह ने SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं के नाम हटाए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने फॉर्म-6 से जुड़ी प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष सतीश केडिया ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से जुड़े फैसलों से संविधान के अनुच्छेद 326 की भावना प्रभावित हुई है। उन्होंने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।
मार्च में कांग्रेस जिलाध्यक्ष सतीश केडिया, प्रदेश महासचिव सुरेंद्र सिंह, माले के पूर्व विधायक राजकुमार यादव, पूर्व विधायक विनोद सिंह, पूर्व जिला अध्यक्ष धनंजय सिंह, मुखिया मो. समीम, डॉ. समीर राज चौधरी, राजेश सिन्हा, मनोज यादव, अशोक विश्वकर्मा, लड्डू खान, नरेश वर्मा, राजेश तुरी, साबिर खान और जयंती कुमारी समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।
गौरतलब है कि मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में ज्ञानेश कुमार वर्तमान में निर्वाचन आयोग का नेतृत्व कर रहे हैं। निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार उन्होंने 19 फरवरी 2025 को 26वें मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में कार्यभार संभाला था।


