गिरिडीह: दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ पूजा को लेकर गिरिडीह जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पर्व-त्योहारों के दौरान विधि-व्यवस्था, सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात, प्रकाश व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं को लेकर शनिवार को समाहरणालय सभागार में जिला स्तरीय बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव ने की।
बैठक में महापौर प्रमिला मेहरा, पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार, उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी, पश्चिमी वन प्रमंडल पदाधिकारी, नगर आयुक्त, अपर समाहर्ता, सहायक समाहर्ता, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
पूजा पंडालों और छठ घाटों का होगा स्थलीय निरीक्षण
उपायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को जिले के प्रमुख पूजा पंडालों, पूजा स्थलों और छठ घाटों का स्थलीय निरीक्षण करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि संभावित समस्याओं की पहले से पहचान कर समय रहते उनका समाधान किया जाए।
पूजा पंडालों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सुरक्षा, प्रकाश, साफ-सफाई, पेयजल और यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
छठ घाटों को लेकर घाटों की सफाई, समतलीकरण, पहुंच पथ, बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल और चेंजिंग रूम जैसी सुविधाएं समय रहते उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। गहरे पानी, फिसलन वाले स्थान और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित कर सुरक्षा के आवश्यक उपाय करने को भी कहा गया।

शहर में विशेष सफाई अभियान चलाने का निर्देश
नगर निगम और संबंधित निकायों को पर्व-त्योहारों के मद्देनजर विशेष स्वच्छता अभियान चलाने को कहा गया है। प्रमुख बाजारों, पूजा स्थलों, पंडालों, संपर्क मार्गों और सार्वजनिक स्थानों पर नियमित सफाई तथा कचरे का समयबद्ध उठाव सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
जलजमाव वाले स्थानों को चिन्हित कर आवश्यक जल निकासी की व्यवस्था करने और खराब स्ट्रीट लाइट को दुरुस्त कराने के साथ जरूरत वाले स्थानों पर अतिरिक्त प्रकाश की व्यवस्था करने को भी कहा गया।
महापौर प्रमिला मेहरा ने भी नगर निगम क्षेत्र में पूजा पंडालों, प्रमुख बाजारों, मुख्य मार्गों और छठ घाटों पर बेहतर सफाई तथा नागरिक सुविधाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर पुलिस की नजर
पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार ने पर्व के दौरान विधि-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पूजा पंडालों, बाजारों, धार्मिक स्थलों और छठ घाटों पर संभावित भीड़ को देखते हुए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती और प्रभावी निगरानी की व्यवस्था करने को कहा गया।
भीड़भाड़ वाले और संवेदनशील स्थानों को चिन्हित कर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने तथा प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति से बचने के लिए आवश्यक रूट प्लान, पार्किंग और वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था करने पर भी जोर दिया गया।
पंडालों में अग्नि और विद्युत सुरक्षा पर जोर
बैठक में पूजा पंडालों और अन्य प्रमुख स्थलों पर प्रवेश-निकास मार्ग, भीड़ नियंत्रण, बैरिकेडिंग, अग्नि सुरक्षा और विद्युत सुरक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां रखने और असामाजिक तत्वों पर निगरानी बनाए रखने को भी कहा गया।
समय-सीमा में पूरी हों सभी तैयारियां
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पर्व-त्योहारों की तैयारियां केवल कागजी स्तर तक सीमित न रहें। संबंधित अधिकारी स्वयं स्थल पर जाकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण और सत्यापन करें।
उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए निर्धारित समय-सीमा में तैयारियां पूरी करने और नियमित मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया। जिला प्रशासन का उद्देश्य पर्व-त्योहारों के दौरान आम नागरिकों और श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ, व्यवस्थित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना है।


