रांची: झारखंड के विभिन्न जिलों में होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, कैफे और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घरेलू LPG सिलेंडरों के कथित व्यावसायिक इस्तेमाल को लेकर ग्राहक दक्षता कल्याण फाउंडेशन ने सवाल उठाए हैं। फाउंडेशन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पिछले तीन महीनों के दौरान किए गए सर्वेक्षण में राज्य के 10 प्रमुख जिलों/शहरों के 1,576 प्रतिष्ठानों में घरेलू LPG सिलेंडरों के व्यावसायिक इस्तेमाल का दावा किया गया है।
रांची में 749 प्रतिष्ठानों का दावा
प्रेस विज्ञप्ति में दिए गए आंकड़ों के अनुसार, रांची में 749, धनबाद में 378, पूर्वी सिंहभूम में 168, गिरिडीह में 85, हजारीबाग में 65, जमशेदपुर में 33, प श्चिमी सिंहभूम में 33, सरायकेला में 31, पलामू में 20 और गढ़वा में 14 प्रतिष्ठानों में घरेलू LPG के व्यावसायिक इस्तेमाल का दावा किया गया है। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार इन आंकड़ों का कुल योग 1,576 प्रतिष्ठान है।

फाउंडेशन ने दावा किया है कि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घरेलू LPG सिलेंडरों का इस्तेमाल नियमों का उल्लंघन है और इससे सुरक्षा संबंधी जोखिम पैदा हो सकता है। संस्था ने प्रशासन से ऐसे प्रतिष्ठानों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
सरकार को सूची भेजने का दावा
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, फाउंडेशन ने 1,576 प्रतिष्ठानों की गोपनीय सूची के साथ झारखंड सरकार के खाद्य एवं उपभोक्ता मामले विभाग के सचिव को पत्र भेजा है। संस्था ने प्रशासन से उड़न दस्तों के माध्यम से जांच और कार्रवाई की मांग की है।
प्रेस विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि रिपोर्ट और पत्र की प्रतियां केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय तथा पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (PNGRB), नई दिल्ली को भी कार्रवाई के लिए भेजी गई हैं।


