गिरिडीह: रजिस्टर टू की प्रमाणित प्रतिलिपि उपलब्ध कराने और किसानों की अन्य समस्याओं को लेकर धरना मैदान में किसान जनता पार्टी की ओर से किसानों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी चुनाव में NOTA को लेकर रणनीति बनाने पर भी चर्चा हुई।
बैठक को संबोधित करते हुए किसान जनता पार्टी के केंद्रीय कमिटी अध्यक्ष सह अधिवक्ता अवधेश कुमार सिंह ने कहा कि किसानों को रजिस्टर टू की प्रमाणित प्रतिलिपि देने के लिए अंचल अधिकारियों द्वारा राशि जमा ली गई है और इसके एवज में करीब ढाई वर्ष पहले नाजीर रसीद भी दी जा चुकी है। उनके अनुसार, झारखंड हाईकोर्ट ने 27 फरवरी 2024 को गिरिडीह जिले के सभी मौजा के रजिस्टर टू की प्रमाणित प्रतिलिपि उपलब्ध कराने का आदेश उपायुक्त और अपर समाहर्ता को दिया था।
अवधेश कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दलों के कुछ नेता, विशेषकर सांसद और विधायक, रजिस्टर टू उपलब्ध नहीं कराने के लिए जिला प्रशासन पर दबाव बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि जिले के सभी मौजा के रजिस्टर टू के सभी पन्नों की प्रमाणित प्रतिलिपि रैयतों को मिल जाए, तो जमीन से जुड़े मामलों में कथित भू-माफिया की गतिविधियों पर असर पड़ेगा।
किसान जनता पार्टी के संयोजक दासो मुर्मू ने किसानों से जाति, धर्म और पार्टी से ऊपर उठकर अपने मुद्दों पर विचार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसानों को चुनाव के दौरान शराब, मुर्गा और पैसे के लालच से दूर रहकर उम्मीदवारों से अपने जमीन संबंधी दस्तावेज और अन्य समस्याओं का समाधान कराने की मांग करनी चाहिए। उन्होंने सरकारी स्कूल और अस्पताल की स्थिति को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि किसान अब NOTA को वोट देने का संकल्प ले चुके हैं।
किसान जनता पार्टी के कार्यालय सचिव विजय कुमार ने कहा कि किसानों को उम्मीदवारों से अपने दखल-कब्जे वाली गैरमजरूआ खास बकाशत जमीन की लगान रसीद जारी करने सहित अन्य मांगों को लेकर सवाल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं होने पर NOTA के पक्ष में मतदान करने की बात कही जाएगी।
बैठक में धरना समाप्त नहीं करने और रजिस्टर टू के लिए दिए गए आवेदन वापस नहीं लेने को लेकर किसान जनता पार्टी के नेता सनातन तिवारी को कथित धमकी दिए जाने का भी मुद्दा उठाया गया। किसानों ने घटना की निंदा करते हुए गांडेय पुलिस से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
किसानों ने कहा कि चल रहे अनिश्चितकालीन धरना के दौरान BNB न्यूज पोर्टल द्वारा जिला प्रशासन से सवाल किए जाने को लेकर भी उन्होंने समर्थन जताया।
बैठक में घनश्याम पंडित, संतोष चक्रवर्ती, संतोष बास्के, विक्रम मुर्मू, सरिता मरांडी, अकली हंसदा, बद्री राय, पानो हेम्ब्रम, बड़की टुडू, मालती देवी, शंभू राय, छत्रधारी सिंह, नबी अंसारी, सुनीता हेम्ब्रम, जसिंता मरांडी, नारायण राय, मोतीलाल सोरेन, संचित गुप्ता, मानवैल हंसदा, जोशील मरांडी और धनेश्वर मरांडी समेत करीब 500 किसान मौजूद रहे।


