गिरिडीह: नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर गिरिडीह पुलिस ने अनुसंधानकर्ताओं के लिए प्रशिक्षण सह कार्यशाला शुरू की है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सोमवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय स्थित सभागार में कार्यशाला के प्रथम चरण का आयोजन किया गया।
प्रशिक्षण में पुलिस निरीक्षक से सहायक अवर निरीक्षक स्तर तक के अनुसंधानकर्ताओं को भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के प्रावधानों की जानकारी दी गई।

कार्यशाला के दौरान पुलिस अधीक्षक ने अनुसंधानकर्ताओं को नए आपराधिक कानूनों के प्रावधानों का सही तरीके से पालन करने और अनुसंधान में प्रक्रियागत व तकनीकी त्रुटियों से बचने के निर्देश दिए। उन्होंने निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध अनुसंधान पर जोर देते हुए न्यायालय में दोषसिद्धि दर बढ़ाने को प्राथमिकता बताया।
प्रशिक्षण के दौरान अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी स्तर के वरीय अधिकारियों और अभियोजन पदाधिकारियों ने मास्टर ट्रेनर के रूप में अनुसंधानकर्ताओं को विभिन्न विषयों पर व्यावहारिक जानकारी दी। इसमें संपत्ति और शरीर के विरुद्ध अपराध, संगठित अपराध तथा साइबर अपराध से संबंधित नई धाराओं और पुराने प्रावधानों के बीच तुलनात्मक जानकारी शामिल रही।
गिरिडीह पुलिस के अनुसार, जिले के सभी अनुसंधानकर्ताओं को प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से यह कार्यशाला निर्धारित कार्यक्रम के तहत 7 अक्टूबर 2026 तक चलेगी। प्रत्येक दिन करीब 50 पुलिस पदाधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।


