डीजे प्रतिबंध और ध्वनि कानून में बदलाव की मांग
गिरिडीह: गिरिडीह जिला साउंड एसोसिएशन का छठा वार्षिक जिला अधिवेशन रविवार को सवेरा हॉल में आयोजित किया गया। आयोजकों के अनुसार, अधिवेशन में गिरिडीह के अलावा झारखंड के विभिन्न जिलों तथा बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और दिल्ली से आए करीब 7 से 8 हजार साउंड संचालक शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद विभिन्न प्रखंडों और नगर क्षेत्रों से पहुंचे एसोसिएशन के सदस्यों ने रैली निकालकर संगठन की एकजुटता का संदेश दिया। कार्यक्रम स्थल पर साउंड उपकरणों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र रही।
जिला अध्यक्ष रामजी प्रसाद यादव ने कहा कि यह एसोसिएशन का छठा जिला अधिवेशन है और संगठन पहले की तुलना में अधिक मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि डीजे और साउंड कारोबार से जुड़े लोगों को लगातार विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उनके अनुसार, बार-बार डीजे पर प्रतिबंध लगाए जाने से कारोबार और रोजगार प्रभावित होता है।
दिल्ली से पहुंचे एसोसिएशन के अध्यक्ष वीरेंद्र बब्बर ने साउंड व्यवसाय से जुड़े लोगों से देशभर में एकजुट होकर अपनी मांगों को उठाने की अपील की। उन्होंने ध्वनि प्रदूषण से जुड़े पुराने कानूनों में बदलाव की मांग को लेकर देशव्यापी स्तर पर आवाज उठाने की बात कही।
उत्तर प्रदेश के उमेश कसाना ने कहा कि विभिन्न राज्यों में साउंड और डीजे संचालकों को अलग-अलग समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आपसी विवाद और प्रतिस्पर्धा से बचते हुए संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया।
अधिवेशन में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, ओडिशा समेत कई राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन का उद्देश्य साउंड सिस्टम के कारोबार को व्यवस्थित करना और इसे रोजगार के एक मजबूत माध्यम के रूप में विकसित करना है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में जिला संयोजक अजय शिवानी, टेकलाल पंडित, जिला उपाध्यक्ष जगदीश दास, संजय ठाकुर, सचिव इरफान अंसारी, सबदर अली, कोषाध्यक्ष सुरेश सिंह, संगठन मंत्री रवि राम, मीडिया प्रभारी मुन्ना दास, प्रवक्ता इम्तियाज अंसारी समेत विभिन्न प्रखंडों के पदाधिकारियों और सदस्यों की भूमिका रही।


