गिरिडीह: लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश के बाद जमुआ-द्वारपहरी मुख्य मार्ग की स्थिति बदहाल हो गई है। जमुआ चौक से कुछ दूरी पर सड़क के गड्ढों में पानी भर जाने से राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी हो रही है। जलजमाव के कारण पानी के नीचे मौजूद गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, गड्ढों में वाहन का पहिया पड़ने से कई दोपहिया वाहन और ऑटो अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं। बारिश के दौरान सड़क की स्थिति और खराब हो जाती है। वाहन चालकों के लिए यह अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है कि पानी के नीचे सड़क कितनी क्षतिग्रस्त है।
स्कूल और रेलवे स्टेशन जाने वालों को परेशानी
जमुआ चौक के आसपास एसबीआई, इंदिरा गांधी उच्च विद्यालय, ईको पार्क और रेलवे स्टेशन होने के कारण इस मार्ग पर दिनभर लोगों की आवाजाही रहती है। सड़क पर पानी जमा रहने से स्कूली छात्र-छात्राओं के साथ आम राहगीरों और वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जलनिकासी की व्यवस्था पर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर जलजमाव की समस्या का एक प्रमुख कारण पानी की समुचित निकासी नहीं होना है। बारिश का पानी सड़क पर ही जमा रहता है, जिससे गड्ढों की स्थिति लगातार खराब हो रही है। लोगों के मुताबिक, केवल गड्ढों में मिट्टी या गिट्टी डालने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। सड़क की मरम्मत के साथ जलनिकासी की उचित व्यवस्था जरूरी है।
ग्रामीणों का दावा है कि सड़क की बदहाली और जलजमाव की समस्या की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी गई है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान की दिशा में ठोस पहल नहीं हुई है।
ग्रामीणों ने की तत्काल मरम्मत की मांग
स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने संबंधित पथ निर्माण विभाग से जमुआ-द्वारपहरी मुख्य मार्ग के क्षतिग्रस्त हिस्सों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। साथ ही सड़क के किनारे जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की गई है, ताकि बारिश के दौरान पानी सड़क पर जमा न हो और दुर्घटनाओं का खतरा कम किया जा सके।


