सुजना के बूथ 303 पर ग्रामीणों ने दो युवकों को रोका, BLO की कार्यशैली पर भी सवाल; अधिकारियों ने जांच का दिया भरोसा
गिरीडीह: जिले के गांडेय विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान फॉर्म-7 को लेकर विवाद सामने आया है। गांडेय प्रखंड की बुधुडीह पंचायत अंतर्गत सुजना गांव के बूथ संख्या 303 से जुड़े मामले में ग्रामीणों ने करीब 50 पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए फॉर्म-7 भरे जाने का आरोप लगाया है।
मामले को लेकर ग्रामीणों ने दो युवकों को पकड़कर काफी देर तक रोके रखा। सूचना मिलने के बाद प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।
फॉर्म-7 को लेकर ग्रामीणों ने जताई आपत्ति
ग्रामीणों के अनुसार, सुजना निवासी दिलचंद पंडित और मधु दत्ता करीब 50 महिला-पुरुष मतदाताओं से संबंधित भरे हुए फॉर्म-7 लेकर BLO दिनिता हांसदा के पास पहुंचे थे। आरोप है कि BLO से हस्ताक्षर कराने के बाद दोनों वापस लौट रहे थे। इसी दौरान ग्रामीणों को फॉर्म में दर्ज नामों और पूरी प्रक्रिया को लेकर संदेह हुआ।
ग्रामीणों ने दोनों युवकों को रोककर पूछताछ की। इस दौरान विवाद बढ़ गया और दोनों को काफी देर तक ग्रामीणों के बीच रखा गया।
वैध मतदाताओं के नाम हटाने का आरोप
झामुमो पंचायत अध्यक्ष मोहम्मद आफताब सहित ग्रामीणों ने दावा किया कि फॉर्म-7 में ऐसे मतदाताओं के नाम शामिल थे, जो उनके अनुसार क्षेत्र में रह रहे हैं और वैध मतदाता हैं।
ग्रामीणों ने मोहम्मद रकीब, मोहम्मद नसीरुद्दीन, जुबेदा बीबी, रुखसाना खातून, हसीना खातून, हसीना बीबी, रकीब अंसारी, हैदर अली, अब्दुर रकीब और असमा खातून समेत करीब 50 मतदाताओं के नाम का उल्लेख करते हुए दावा किया कि इन्हें मतदाता सूची से हटाने के लिए फॉर्म-7 भरा गया था।
BLO की कार्यशैली पर उठे सवाल
मामले में ग्रामीणों ने BLO की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि फॉर्म-7 में दर्ज जानकारी का पर्याप्त सत्यापन किए बिना ही BLO ने हस्ताक्षर कर दिए।
हालांकि, इस आरोप की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। निर्वाचन प्रक्रिया के तहत फॉर्म-7 से संबंधित दावों और आपत्तियों का सत्यापन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाना है।
युवकों ने आरोपों से किया इनकार
ग्रामीणों द्वारा रोके गए दोनों युवकों ने खुद को निर्दोष बताया। उनका कहना था कि उन्हें भाजपा के एक नेता की ओर से फॉर्म-7 दिए गए थे। उन्होंने दावा किया कि उनका काम केवल फॉर्म को संबंधित स्तर तक पहुंचाना था, जबकि उसकी जांच और सत्यापन की जिम्मेदारी BLO की है।
मौके पर पहुंचे अधिकारी और पुलिस
मामले की जानकारी मिलने पर गांडेय BDO निसात अंजुम, CO ओमप्रकाश बड़ाईक और अहिल्यापुर थाना प्रभारी ऐनुल हक खान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया। साथ ही संबंधित मतदाताओं और फॉर्म-7 की जांच एवं सत्यापन कराने का आश्वासन दिया।
जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
गांडेय BDO निसात अंजुम और CO ओमप्रकाश बड़ाईक ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है। यदि जांच में यह पाया जाता है कि निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना फॉर्म-7 भरे गए या बिना आवश्यक जांच के हस्ताक्षर किए गए, तो संबंधित BLO और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि फॉर्म-7 किस प्रक्रिया के तहत भरे गए और मतदाताओं के नाम हटाने को लेकर लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।


