गिरिडीह: गिरिडीह न्यायालय ने दो अलग-अलग आपराधिक मामलों में फैसला सुनाते हुए अभियुक्तों को सजा दी है। तिसरी थाना क्षेत्र के POCSO एवं दुष्कर्म मामले में नितेश यादव को आजीवन कारावास, जबकि जाली नोट बरामदगी के मामले में सिराज अंसारी को पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है।
POCSO-दुष्कर्म मामले में नितेश यादव को उम्रकैद
तिसरी थाना कांड संख्या 76/2025 में गिरिडीह न्यायालय ने गावां थाना क्षेत्र के चिहुटिया निवासी सह अभियुक्त नितेश यादव पिता लालो महतो को POCSO एवं दुष्कर्म मामले में दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
पुलिस के अनुसार, अभियुक्त पूर्व से विवाहित होने के बावजूद पीड़िता को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। आरोप है कि इसके बाद धोखे से शादी कर उसे एक कमरे में बंधक बनाकर उसका शारीरिक शोषण किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाह प्रस्तुत किए गए।
न्यायालय ने अभियुक्त को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137, धारा 64(2) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
जाली नोट मामले में सिराज अंसारी को पांच साल का सश्रम कारावास
इधर, गिरिडीह (नगर) थाना कांड संख्या 46/2015, ST No. 191/2015 में न्यायालय ने गांडेय थाना क्षेत्र के फुलजोरी निवासी सह अभियुक्त सिराज अंसारी, पिता इम्तियाज अंसारी को जाली नोट बरामदगी मामले में दोषी करार देते हुए पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
पुलिस के अनुसार, 5 दिसंबर 2015 को शाम करीब 4:45 बजे बड़ा चौक, गिरिडीह के पास अभियुक्त के पास से 500 रुपये के कुल 80 हजार रुपये मूल्य के जाली नोट बरामद किए गए थे।
न्यायालय ने अभियुक्त को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 489(B) के तहत पांच वर्ष तथा धारा 489(C) के तहत पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।


