गिरिडीह : झारखंड के खनिज संसाधनों और राज्य के अधिकारों से जुड़े मुद्दे को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने गुरुवार को गिरिडीह में धरना-प्रदर्शन किया। जिला मुख्यालय स्थित समाहरणालय परिसर में आयोजित एक दिवसीय धरने में पार्टी के नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए राज्य के अधिकारों और वित्तीय हितों की रक्षा की मांग उठाई।
RJD नेताओं ने MMDR संशोधन अधिनियम, 2026 के प्रावधानों का विरोध किया। संसद ने इस संशोधन को अगस्त 2026 में पारित किया था और 17 अगस्त को इसे अधिनियम के रूप में मंजूरी मिली। संशोधन में खनिज अधिकारों और खनिज-युक्त भूमि पर राज्यों द्वारा लगाए जाने वाले कुछ टैक्स, सेस और अन्य लेवी को केंद्र द्वारा निर्धारित शर्तों के अधीन किया गया है।
धरना में शामिल नेताओं ने कहा कि झारखंड खनिज संपदा के मामले में महत्वपूर्ण राज्य है और खनिज संसाधनों से जुड़े अधिकार एवं राजस्व राज्य के हितों से जुड़े विषय हैं। पार्टी नेताओं ने कहा कि जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधनों से जुड़े मामलों में झारखंड के हितों की रक्षा जरूरी है।
RJD जिलाध्यक्ष इरफान आलम के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में युवा राजद जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र यादव, प्रदेश सचिव हाजी अनामुल साहब, प्रदेश महासचिव शत्रुघ्न यादव, जिला उपाध्यक्ष बशीर शाह, जिला महासचिव बलदेव नायक, जिला सचिव रामदेव यादव, वारिस, अल्पसंख्यक मोर्चा के उपाध्यक्ष कामरान अंसारी, जिला सहसचिव इरफान अंसारी, जिला उपाध्यक्ष संजय अंबेडकर समेत पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
प्रदर्शन में जमुआ प्रखंड अध्यक्ष ललन यादव, संजय यादव, पंकज शर्मा, राजेंद्र यादव, रामेश्वर प्रसाद यादव, निरंजन यादव, पंकज कुमार अंबेडकर, शीतला देवी, बसंती देवी, मीना देवी, मोनिका देवी और रजनी देवी सहित विभिन्न प्रखंडों के अध्यक्ष एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
RJD नेताओं ने कहा कि खनिज संसाधनों और राज्य के अधिकारों से जुड़े मुद्दे पर पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध जारी रखेगी


