गिरिडीह: जिले के जमुआ थाना क्षेत्र अंतर्गत गोविंदपुरा स्थित एक पत्थर खदान में कथित अवैध खनन की सूचना पर सोमवार को प्रशासन की टीम ने औचक छापेमारी की। खोरीमहुआ एसडीएम समीर रेनियर खालको के नेतृत्व में हुई कार्रवाई में खनन विभाग के अधिकारी और पुलिस बल के जवान शामिल रहे। छापेमारी के दौरान खदान परिसर से भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किए जाने की बात सामने आई है।
प्रशासन ने कार्रवाई के दौरान मौके से सात ट्रैक्टर और एक पोकलेन मशीन को भी जब्त किया है। जब्त वाहनों को जमुआ थाना ले जाने की प्रक्रिया की जा रही है।
सूचना मिलने के बाद की गई औचक कार्रवाई
प्रशासन के अनुसार, गोविंदपुरा स्थित उक्त खदान के पूर्व में संचालन किए जाने की जानकारी मिली थी। इसी सूचना के आधार पर टीम ने बिना पूर्व सूचना के खदान में पहुंचकर जांच शुरू की।
छापेमारी के दौरान खोरीमहुआ एसडीएम समीर रेनियर खालको के अलावा असिस्टेंट माइनिंग इंस्पेक्टर विश्वनाथ उरांव समेत अन्य पदाधिकारी और पुलिस बल मौजूद रहे। टीम ने खदान परिसर में खनन गतिविधियों और वहां मौजूद संसाधनों की जांच की।

विस्फोटक बरामद, सात ट्रैक्टर और पोकलेन जब्त
कार्रवाई के दौरान प्रशासन को खदान परिसर से भारी मात्रा में विस्फोटक मिला। इसके अलावा खनन कार्य में इस्तेमाल किए जाने की आशंका वाले सात ट्रैक्टर और एक पोकलेन मशीन को जब्त कर लिया गया।
प्रशासन अब बरामद विस्फोटक और जब्त वाहनों से जुड़े तथ्यों की जांच कर रहा है। विस्फोटक का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था और इसके संबंध में आवश्यक अनुमति या दस्तावेज मौजूद थे या नहीं, यह भी जांच का विषय है।
संचालक से मांगे गए दस्तावेज
छापेमारी के बाद खोरीमहुआ एसडीएम समीर रेनियर खालको ने बताया कि खदान के पूर्व में संचालन किए जाने की सूचना मिलने के बाद औचक कार्रवाई की गई है। खदान के संचालन से संबंधित दस्तावेज संचालक से मांगे गए हैं, लेकिन फिलहाल दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं।
एसडीएम ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि खदान का संचालन किस तरह किया जा रहा था। प्रशासन दस्तावेजों और मौके से मिले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगा।
सूत्रों के अनुसार सामने आए कुछ नाम
इधर, सूत्रों के अनुसार, खदान के संचालन से जमुआ निवासी मंगरू साव, डोमचांच निवासी सुनील मेहता और अनिल साव, पाराखारो निवासी रंजीत वर्मा और सिकंदर साव, द्वारपहरी निवासी जितेंद्र वर्मा तथा लोकायनयनपुर निवासी महेंद्र यादव के नाम जुड़े होने की बात सामने आ रही है।
हालांकि, इन नामों की प्रशासन की ओर से फिलहाल आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए इन व्यक्तियों की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। संबंधित लोगों का पक्ष उपलब्ध होने पर खबर में शामिल किया जाएगा।
जांच के बाद स्पष्ट होगी खदान संचालन की स्थिति
प्रशासन की कार्रवाई के बाद अब मुख्य रूप से खदान के संचालन से जुड़े दस्तावेज, खनन की अनुमति, लीज से संबंधित कागजात और विस्फोटक के इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि खदान का संचालन वैध अनुमति के तहत हो रहा था या कथित रूप से नियमों का उल्लंघन किया जा रहा था।
फिलहाल प्रशासन ने जब्त वाहनों को जमुआ थाना ले जाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्ष और संबंधित दस्तावेजों के आधार पर किए जाने की बात कही गई है।


