गिरिडीह: पीरटांड़ प्रखंड के लेढ़वा गांव में हाथी के हमले में एक दृष्टिबाधित ग्रामीण की मौत हो गई, जबकि उसे बचाने के प्रयास में उसकी पत्नी घायल हो गईं। घटना 22 सितंबर की रात करीब 10 बजे की बताई जा रही है।
मृतक की पहचान मागरा मांझी के रूप में हुई है। वन विभाग के अनुसार, मागरा मांझी रात में शौच के लिए घर से बाहर निकले थे। इसी दौरान उनका सामना हाथी से हो गया और वे हमले की चपेट में आ गए। पति को बचाने के प्रयास में उनकी पत्नी बड़की देवी भी घायल हो गईं।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग सक्रिय हुआ। सहायक वन संरक्षक के निर्देश पर विभागीय कर्मियों ने देर रात ही मृतक के परिजनों से मुलाकात की और अग्रिम मुआवजा राशि उपलब्ध कराई।
वन विभाग के मुताबिक, निर्धारित विभागीय प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज और सत्यापन की कार्रवाई पूरी होने के बाद चार लाख रुपये की शेष मुआवजा राशि नियमानुसार दी जाएगी। इसके अलावा मृतक के आश्रित के नाम पांच लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट कराने की बात कही गई है। घायल बड़की देवी के इलाज और अन्य आवश्यक सहयोग के संबंध में भी विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जा रही है।
वन विभाग ने घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा है कि मानव-हाथी संघर्ष की घटनाओं को रोकने के लिए लगातार आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं। विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि हाथियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर उनके करीब न जाएं, उन्हें घेरने या भगाने का प्रयास न करें और तत्काल वन विभाग को सूचना दें।
विभाग ने विशेष रूप से रात के समय ग्रामीणों से अकेले घर से बाहर निकलने में सावधानी बरतने की अपील की है। साथ ही मानव और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा के लिए वन विभाग तथा ग्रामीणों के बीच समन्वय और सहयोग को जरूरी बताया है।


