गिरिडीह: जिले में ऑनलाइन जुआ, अवैध लॉटरी और नशीले पदार्थों के कथित कारोबार को लेकर माले नेता और नगर सचिव राजेश सिन्हा ने प्रशासन से व्यापक जांच और कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि इन गतिविधियों का असर युवाओं, मजदूरों और आम परिवारों पर पड़ रहा है।
राजेश सिन्हा के मुताबिक, गिरिडीह शहर के साथ-साथ जमुआ, पचंबा, बड़ा चौक, हटिया बाजार समेत कई इलाकों में मोबाइल के जरिए ऑनलाइन जुआ यानी आईडी आधारित गेम चलने की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने प्रशासन से इस पूरे नेटवर्क की जांच कराने की मांग की है।
ऑनलाइन आईडी वाले गेम पर उठाए सवाल
राजेश सिन्हा ने दावा किया कि शहर और ग्रामीण इलाकों में मोबाइल के जरिए ऑनलाइन जुआ खेलने का चलन बढ़ रहा है। उनके अनुसार, कई युवा आईडी बनाकर ऐसे गेम में पैसे लगा रहे हैं। उन्होंने आशंका जताई कि इसके पीछे कई लोग संगठित रूप से काम कर रहे हो सकते हैं।
उन्होंने प्रशासन से ऑनलाइन गेम के संचालन, आईडी उपलब्ध कराने और इससे जुड़े पैसों के लेन-देन की जांच करने की मांग की है।
नशे के कथित नेटवर्क पर कार्रवाई की मांग
नशे को लेकर भी राजेश सिन्हा ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि टेन टैबलेट और गांजा समेत अन्य नशीले पदार्थों की कथित उपलब्धता पर प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है। उनका दावा है कि पूर्व में भी प्रयासों के बाद कुछ समय के लिए ऐसी गतिविधियों पर रोक लगी थी, लेकिन बाद में इनके दोबारा शुरू होने की शिकायतें सामने आईं।
सिन्हा ने कथित तौर पर संरक्षण देने वालों की भी जांच की मांग की है। हालांकि, इस संबंध में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अवैध लॉटरी की बिक्री का भी आरोप
राजेश सिन्हा ने जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में अवैध लॉटरी टिकट की कथित बिक्री का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि घर-घर टिकट पहुंचने की शिकायतें सामने आ रही हैं और रोज कमाने वाले मजदूर व निम्न आय वर्ग के लोग भी इसके प्रभाव में आ रहे हैं।
उन्होंने प्रशासन से इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बिक्री और वितरण से जुड़े नेटवर्क की जांच कराने की मांग की।
डीसी, एसपी और CID को आवेदन देने की बात
राजेश सिन्हा ने कहा कि इन तीनों मामलों में उच्चस्तरीय जांच की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही गिरिडीह उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, संबंधित थाना और CID को आवेदन देकर पूरे मामले की जांच की मांग करेंगे।
उन्होंने प्रशासन से कथित नेटवर्क के पीछे काम करने वाले लोगों की पहचान करने और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही उन्होंने कथित रूप से संरक्षण देने वालों की भूमिका की भी जांच कराने की बात कही।
अब देखना होगा कि राजेश सिन्हा की ओर से दिए जाने वाले आवेदन और उनके द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले संभावित साक्ष्यों के आधार पर प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।


