हजारीबाग: जिले के कैंटोनमेंट मौजा स्थित करीब 50 डिसमिल खास महल जमीन को लेकर विवाद एक बार फिर गहरा गया है। शुक्रवार को सदर अंचलाधिकारी आशुतोष कुमार के नेतृत्व में पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। कार्रवाई के दौरान पूर्व मंत्री योगेंद्र साव भी मौके पर पहुंचे, जिसके बाद उनके और अंचलाधिकारी के बीच तीखी बहस हुई।
50 डिसमिल जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद
यह मामला हजारीबाग सदर अंचल के हुडहुड़ु क्षेत्र के कैंटोनमेंट मौजा से जुड़ा है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, इस जमीन को लेकर वर्ष 2023 से विवाद चला आ रहा है। प्रशासन का कहना है कि जमीन खास महल की सरकारी भूमि है और इस पर अनधिकृत कब्जे तथा निर्माण को लेकर कार्रवाई की जा रही है।
प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान जमीन पर बने रास्ते से अतिक्रमण हटाया गया। रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि विवादित जमीन पर खटाल का निर्माण किया गया है। अंचलाधिकारी ने खटाल और अन्य अतिक्रमण हटाने के लिए बुधवार तक का समय दिए जाने की बात कही है।
योगेंद्र साव ने उठाए कार्रवाई पर सवाल
कार्रवाई के दौरान पूर्व मंत्री योगेंद्र साव ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए। रिपोर्टों के मुताबिक, उनकी ओर से जमीन से जुड़े दस्तावेज और पावर ऑफ अटॉर्नी का हवाला दिया जाता रहा है। उनका पक्ष है कि जमीन को लेकर मामला आगे की प्रक्रिया में है और उसका इंतजार किए बिना कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।
इस तरह जमीन के अधिकार को लेकर दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं। प्रशासनिक रिकॉर्ड में जमीन को खास महल की सरकारी भूमि बताया जा रहा है, जबकि योगेंद्र साव की ओर से जमीन पर अधिकार से संबंधित दस्तावेज होने का दावा किया गया है। इन दावों का अंतिम निर्धारण संबंधित राजस्व और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही होगा।
प्रशासन का क्या कहना है?
सदर अंचलाधिकारी आशुतोष कुमार के अनुसार, संबंधित जमीन खास महल की भूमि है और इसके रिन्यूअल को लेकर प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है। प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि पर अनधिकृत कब्जा या निर्माण स्वीकार्य नहीं है और नियमों के तहत कार्रवाई की जा रही है।
हजारीबाग में खास महल जमीन को लेकर प्रशासन पहले भी कार्रवाई कर चुका है। अगस्त में कैंटोनमेंट मौजा में खास महल भूमि पर बने एक होटल को भी प्रशासन ने ध्वस्त किया था। उस मामले में प्रशासन ने कहा था कि संबंधित भूमि की लीज का नवीनीकरण वर्ष 1978 के बाद नहीं हुआ था।
796.17 एकड़ खास महल जमीन का सर्वे
दरअसल, हजारीबाग में खास महल जमीन को लेकर व्यापक स्तर पर सर्वे और अभिलेखों की जांच चल रही है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, प्रशासन करीब 796.17 एकड़ खास महल भूमि का सर्वे कर रहा है, जो 22 गांवों में फैली है। इसमें जमीन की मौजूदा स्थिति, लीज, स्वामित्व संबंधी रिकॉर्ड, हस्तांतरण और संभावित अतिक्रमण की जांच की जा रही है।
उपायुक्त हेमंत सती की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में अधिकारियों को सर्वे कार्य निर्धारित प्रक्रिया के तहत पूरा करने और 25 सितंबर तक समेकित रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन ने पुनर्ग्रहित खास महल भूमि पर अतिक्रमण के मामलों को चिन्हित कर नियमानुसार नोटिस और कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं।
दस्तावेजों की जांच के बाद स्थिति होगी स्पष्ट
प्रशासनिक सर्वे में पुराने अभिलेखों और वर्तमान राजस्व रिकॉर्ड का मिलान किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, जमीन से जुड़े दावों की जांच दस्तावेजों और मौके की वास्तविक स्थिति के आधार पर की जाएगी। इसके बाद ही संबंधित जमीनों के संबंध में आगे की कार्रवाई तय होगी।
फिलहाल कैंटोनमेंट मौजा की 50 डिसमिल जमीन पर हुई कार्रवाई ने एक बार फिर खास महल भूमि के रिकॉर्ड, कब्जे और अधिकार को लेकर चल रहे विवाद को चर्चा में ला दिया है। मामले में प्रशासन की कार्रवाई और जमीन से जुड़े दावों की आगे होने वाली राजस्व जांच पर नजर बनी हुई है।


