गिरिडीह: आगामी दुर्गापूजा को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने को लेकर गिरिडीह के नगर थाना, मुफ्फसिल थाना और पचम्बा थाना में रविवार को शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। तीनों थाना क्षेत्रों में आयोजित बैठकों में पुलिस पदाधिकारियों के अलावा जनप्रतिनिधि, पूजा समितियों के सदस्य, समाजसेवी एवं स्थानीय गणमान्य लोग शामिल हुए। बैठकों में पूजा पंडालों की सुरक्षा, श्रद्धालुओं की भीड़, विधि-व्यवस्था, यातायात, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, विसर्जन जुलूस और सोशल मीडिया पर निगरानी सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई।
पुलिस अधिकारियों ने पूजा समितियों और आम लोगों से प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए पर्व मनाने तथा किसी भी तरह की अफवाह या विवाद की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना देने की अपील की। वहीं स्थानीय लोगों ने भी पुलिस-प्रशासन को शांतिपूर्ण तरीके से पूजा संपन्न कराने में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।

नगर थाना में डीएसपी नीरज सिंह की अध्यक्षता में बैठक
नगर थाना परिसर में आयोजित शांति समिति की बैठक की अध्यक्षता डीएसपी नीरज सिंह ने की। बैठक में नगर क्षेत्र में दुर्गापूजा के दौरान सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के दौरान थाना प्रभारी श्याम किशोर महतो समेत कई पुलिस पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
बैठक में पूजा पंडालों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था, श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने, यातायात व्यवस्था तथा संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देशों पर चर्चा हुई। पुलिस की ओर से पूजा समितियों से पंडालों में आवश्यक सुरक्षा मानकों का ध्यान रखने और किसी भी तरह की लापरवाही से बचने की अपील की गई।
डीएसपी नीरज सिंह ने कहा कि दुर्गापूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पंडालों में पहुंचते हैं। ऐसे में पूजा समितियों, स्थानीय लोगों और पुलिस प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। उन्होंने लोगों से आपसी भाईचारा बनाए रखने और किसी भी अफवाह पर ध्यान नहीं देने की अपील की।

मुफ्फसिल थाना में एसडीपीओ जीतवाहन उरांव ने दिए सुरक्षा के निर्देश
मुफ्फसिल थाना में आयोजित शांति समिति की बैठक की अध्यक्षता सदर एसडीपीओ जीतवाहन उरांव ने की। बैठक में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, पूजा समितियों एवं स्थानीय लोगों के साथ दुर्गापूजा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा की गई। इस दौरान थाना प्रभारी ज्ञान रंजन समेत कई पुलिस पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
एसडीपीओ जीतवाहन उरांव ने कहा कि दुर्गापूजा को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं। बड़े पूजा पंडालों में पुरुष एवं महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ निगरानी के लिए वॉच टावर का निर्माण कराया जाएगा। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पुलिस की विशेष निगरानी रहेगी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो।
उन्होंने कहा कि पूजा के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है। इसके लिए पूजा समितियों एवं स्थानीय लोगों का सहयोग भी आवश्यक है। पंडालों में भीड़ नियंत्रण, प्रवेश और निकास व्यवस्था तथा आसपास यातायात को सुचारु बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
विसर्जन के दौरान डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध
एसडीपीओ ने स्पष्ट किया कि प्रतिमा विसर्जन के दौरान डीजे पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा। पूजा समितियों एवं विसर्जन जुलूस में शामिल लोगों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई।
उन्होंने लोगों से कहा कि पर्व के दौरान किसी भी प्रकार की अफवाह, विवाद या ऐसी गतिविधि से बचें, जिससे क्षेत्र का माहौल खराब हो। किसी भी समस्या की स्थिति में लोग सीधे पुलिस से संपर्क करें।
बैठक में मौजूद मुखिया शिवनाथ साहू ने कहा कि बैठक के दौरान क्षेत्र की जो भी समस्याएं थीं, उन्हें पुलिस प्रशासन के समक्ष रखा गया है। उन्होंने कहा कि दुर्गापूजा आपसी भाईचारे और सौहार्द का पर्व है। इसलिए सभी लोग मिल-जुलकर शांतिपूर्ण माहौल में त्योहार मनाएं और प्रशासन का सहयोग करें।

पचम्बा थाना में सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर बनी रणनीति
पचम्बा थाना परिसर में भी दुर्गापूजा को लेकर शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में साइबर थाना प्रभारी सह इंस्पेक्टर एवं पचम्बा थाना प्रभारी की मौजूदगी में पूजा के दौरान सुरक्षा और विधि-व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में क्षेत्र के विभिन्न इलाकों से पहुंचे जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों एवं गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया। उपस्थित लोगों ने अपने-अपने क्षेत्रों में दुर्गापूजा के दौरान आने वाली संभावित समस्याओं और आवश्यकताओं से पुलिस प्रशासन को अवगत कराया।
पंडालों में सीसीटीवी और रोशनी पर जोर
बैठक के दौरान पूजा पंडालों एवं आसपास के क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे, पर्याप्त रोशनी, साफ-सफाई, भीड़ नियंत्रण और पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की विशेष निगरानी रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
प्रतिनिधियों ने कहा कि दुर्गापूजा क्षेत्र के लोगों के लिए आस्था और उत्साह का पर्व है। ऐसे में सभी पूजा समितियों एवं स्थानीय लोगों की जिम्मेदारी है कि पर्व के दौरान आपसी भाईचारा और सामाजिक सौहार्द कायम रहे।
सोशल मीडिया पर पुलिस की रहेगी पैनी नजर
पचम्बा थाना की बैठक में सोशल मीडिया पर निगरानी को लेकर भी चर्चा की गई। पुलिस की ओर से लोगों से अपील की गई कि किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक सूचना को बिना सत्यापन के सोशल मीडिया पर साझा न करें। किसी विवाद या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर कानून हाथ में लेने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचना देने की बात कही गई।

पुलिस-प्रशासन को सहयोग का भरोसा
शांति समिति की बैठक में मौजूद लोगों ने दुर्गापूजा के दौरान शांति एवं सौहार्द बनाए रखने में पुलिस-प्रशासन को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। पूजा समितियों से भी नियमों का पालन करते हुए आयोजन करने तथा प्रशासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का अनुपालन करने की अपील की गई।
बैठक में परसाटांड़ के पूर्व मुखिया निर्मल प्रसाद, समाजसेवी संजय झा, अनवर अंसारी, अजय सर, इरफान आलम, समाजसेवी मिंटू, वार्ड पार्षद कृष्णा साव, मुमताज अंसारी तथा प्रीतिनीडीह की मुखिया समेत क्षेत्र के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
बैठक के माध्यम से तीनों थाना क्षेत्रों में पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया, ताकि दुर्गापूजा के दौरान शांति एवं विधि-व्यवस्था बनी रहे और श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के पूजा-अर्चना कर सकें।


