गिरिडीह: चुनाव प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी की ओर से उठाए जा रहे सवालों के बीच झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर अलग-अलग मुद्दों के जरिए जनता को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है।
मरांडी ने कहा कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के नेताओं की ओर से चुनाव प्रक्रिया और केंद्र सरकार पर सवाल उठाने का सिलसिला नया नहीं है। उन्होंने कहा कि पहले ईवीएम और राफेल को लेकर सवाल उठाए गए और अब ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठाया जा रहा है। उनके मुताबिक मुद्दे बदलते रहे हैं, लेकिन आरोपों के समर्थन में ठोस आधार और प्रमाण सामने नहीं रखे गए हैं।
राहुल गांधी पर टिप्पणी करते हुए मरांडी ने कहा कि कांग्रेस को राहुल गांधी का बेहतर तरीके से मानसिक इलाज कराना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हाल में एक अखबार में प्रकाशित खबर के बाद विपक्ष की ओर से चुनाव आयोग को लेकर सवाल उठाए गए। इसके बाद मुख्य चुनाव आयुक्त समेत चुनाव आयोग के अन्य पदाधिकारियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आयोग का पक्ष रखा और बताया कि संबंधित निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए थे। चुनाव आयुक्तों के मतभेद को लेकर सामने आई रिपोर्ट के बाद आयोग की ओर से भी कहा गया था कि टिप्पणियां और सवाल उठाए गए थे, लेकिन अंतिम फैसलों के खिलाफ औपचारिक असहमति दर्ज नहीं की गई थी।
मरांडी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और कांग्रेस का उद्देश्य देश में अराजकता का माहौल पैदा करना और केंद्र की मोदी सरकार को बदनाम करना है। उन्होंने कहा कि जनता पूरे घटनाक्रम को देख और समझ रही है।
विदेश नीति के मुद्दे पर भी मरांडी ने कांग्रेस को निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की ओर से कभी पाकिस्तान तो कभी चीन के हितों के अनुरूप बयान दिए जाते हैं। मरांडी ने कहा कि आने वाले समय में जनता कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के राजनीतिक रवैये का जवाब देगी।
वहीं, चुनाव प्रक्रिया और ‘वोट चोरी’ को लेकर कांग्रेस तथा भाजपा की ओर से किए जा रहे दावे और आरोप राजनीतिक रूप से विवादित हैं। राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए ‘वोट चोरी’ के आरोप लगाए हैं, जबकि चुनाव आयोग ने संबंधित फैसलों को लेकर अपनी अलग स्थिति स्पष्ट की है।


