रांची के सैमफोर्ड अस्पताल में इलाज के दौरान ली अंतिम सांस, शनिवार को पैतृक आवास बगडांड में होगा अंतिम संस्कार
सिमडेगा: झारखंड सरकार की पूर्व मंत्री और सिमडेगा विधानसभा क्षेत्र की पूर्व विधायक विमला प्रधान का शुक्रवार रात रांची के सैमफोर्ड अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। उन्होंने करीब रात 8:40 बजे अंतिम सांस ली। 69 वर्षीय विमला प्रधान पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रही थीं। उनके निधन की खबर के बाद सिमडेगा जिले में शोक की लहर दौड़ गई। राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक संगठनों से जुड़े लोगों ने उनके निधन पर शोक जताया।
परिजनों के अनुसार, तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें रांची के सैमफोर्ड अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रिपोर्टों में उनके लंबे समय से लीवर संबंधी बीमारी से परेशान रहने की बात सामने आई है। इलाज के दौरान शुक्रवार रात उनकी तबीयत गंभीर हुई और उनका निधन हो गया।
19 मार्च 1957 को सिमडेगा में हुआ था जन्म
विमला प्रधान का जन्म 19 मार्च 1957 को सिमडेगा जिले के नैगामटोली में हुआ था। उन्होंने सिमडेगा कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। 2014 के चुनावी हलफनामे में उनकी शैक्षणिक योग्यता स्नातक और सिमडेगा कॉलेज से वर्ष 1987 में बीए की डिग्री दर्ज है। उनके पति का नाम दिलीप कुमार प्रधान बताया गया है और उनके तीन पुत्र हैं।
सामाजिक कार्यों से शुरू हुआ सार्वजनिक जीवन
विमला प्रधान ने सक्रिय राजनीति में आने से पहले सामाजिक क्षेत्र में काम शुरू किया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, वर्ष 1989 से वह सामाजिक कार्यों से जुड़ीं, जबकि वर्ष 1994 में भाजपा की सदस्यता लेकर सक्रिय राजनीति और संगठनात्मक गतिविधियों में भागीदारी बढ़ाई। गोंड समाज के सामाजिक उत्थान के लिए भी उन्होंने लंबे समय तक काम किया और झारखंड आदिवासी गोंड महासभा की प्रदेश अध्यक्ष के रूप में विभिन्न कार्यक्रमों में सक्रिय रहीं।
सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में भी उनकी भागीदारी रही। सिमडेगा के रामरेखा धाम समेत विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्थाओं से उनका जुड़ाव रहा। गोंड समाज के बच्चों और युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए करमा पर्व सहित विभिन्न अवसरों पर कार्यक्रम और प्रतियोगिताएं आयोजित कराने की जानकारी भी सामने आई है।
2009 में पहली बार बनीं विधायक
सामाजिक क्षेत्र में सक्रियता के बाद भाजपा ने उन्हें सिमडेगा विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतारा। 2009 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने पहली बार सिमडेगा से जीत दर्ज कर विधानसभा में प्रवेश किया। उपलब्ध चुनावी आंकड़ों के अनुसार उन्हें 38,476 वोट मिले थे। इसके बाद उन्हें झारखंड सरकार में मंत्री की जिम्मेदारी मिली।
अर्जुन मुंडा सरकार में उन्हें समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास तथा पर्यटन विभाग की जिम्मेदारी दी गई थी। अक्टूबर 2010 में उनके मंत्री बनने और इन विभागों का प्रभार मिलने की समकालीन रिपोर्ट भी उपलब्ध है।
मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल में महिला एवं बाल विकास, पोषण और पर्यटन से जुड़ी योजनाओं पर काम हुआ। पर्यटन को रोजगार से जोड़ने के लिए युवाओं को कैटरिंग और हाउसकीपिंग जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण देने तथा ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजनाओं पर भी काम हुआ।
2014 में फिर जीतीं सिमडेगा सीट
विमला प्रधान ने 2014 के विधानसभा चुनाव में दूसरी बार सिमडेगा सीट पर जीत दर्ज की। इस चुनाव में उन्होंने झारखंड पार्टी के मेनन एक्का को हराया और लगातार दूसरी बार विधायक बनीं। चुनावी हलफनामे में भी उन्हें 2014 का विजेता दर्ज किया गया है।
वर्ष 2017 में झारखंड विधानसभा की ओर से उन्हें उत्कृष्ट विधायक के सम्मान के लिए मनोनीत किया गया। विधायक के रूप में उन्होंने सिमडेगा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न स्थानीय और सामाजिक मुद्दों को विधानसभा में उठाया।
भूमिहीन मलहार परिवारों की जमीन का मुद्दा उठाया
विधायक के रूप में उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों में भूमिहीन मलहार परिवारों की जमीन का मामला भी शामिल रहा। जुलाई 2019 में उन्होंने विधानसभा में सिमडेगा सदर और केरसई प्रखंड के भूमिहीन मलहार परिवारों के लिए जमीन बंदोबस्ती का मुद्दा उठाया था। रिपोर्ट के अनुसार, इसके बाद संबंधित अधिकारियों को जमीन बंदोबस्ती से जुड़े प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया गया था।
2019 के बाद भी सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहीं
वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव के बाद वह विधानसभा की राजनीति से बाहर हो गईं, लेकिन सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों से उनका जुड़ाव बना रहा। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, वह भाजपा संगठन से जुड़ी रहीं और क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर भी सक्रिय दिखाई देती थीं।
राजनीतिक जीवन के बाद उन्हें हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) में स्वतंत्र निदेशक की जिम्मेदारी भी मिली। HPCL के आधिकारिक कॉरपोरेट-गवर्नेंस रिकॉर्ड में विमला प्रधान को गैर-कार्यकारी स्वतंत्र निदेशक के रूप में दर्ज किया गया है।
ग्रामीण समस्याओं को लेकर भी रहीं सक्रिय
मई 2026 में विमला प्रधान सिमडेगा के जलडेगा प्रखंड के टिनगिना पंचायत स्थित टिकरा गांव पहुंची थीं। यहां ग्रामीणों ने बिजली, सड़क और पेयजल जैसी बुनियादी समस्याओं की जानकारी उन्हें दी थी। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों से बातचीत कर समाधान का आश्वासन दिलाया था।
सितंबर 2023 में भी उन्होंने सिमडेगा में महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से स्थापित सॉफ्ट टॉयज मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का उद्घाटन किया था। इस कार्यक्रम में उन्हें HPCL की स्वतंत्र निदेशक और राज्य की पूर्व मंत्री के रूप में बताया गया था।
खेल और सामाजिक गतिविधियों से भी रहा जुड़ाव
विमला प्रधान सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों के अलावा खेलों को बढ़ावा देने में भी रुचि रखती थीं। सिमडेगा की खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और युवाओं को विभिन्न गतिविधियों से जोड़ने वाले कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी रही।
अंतिम संस्कार शनिवार को पैतृक आवास में
विमला प्रधान के निधन के बाद सिमडेगा में उनके समर्थकों, भाजपा कार्यकर्ताओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों के बीच शोक का माहौल है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, शनिवार को उनका पार्थिव शरीर सिमडेगा लाया जाएगा और पैतृक आवास बगडांड में अंतिम संस्कार किया जाएगा।
सामाजिक कार्यकर्ता से सार्वजनिक जीवन की शुरुआत करने वाली विमला प्रधान ने सिमडेगा की राजनीति में अपनी पहचान बनाई। दो बार विधायक रहने के साथ उन्होंने झारखंड सरकार में मंत्री की जिम्मेदारी संभाली और बाद के वर्षों में भी सामाजिक गतिविधियों तथा क्षेत्रीय मुद्दों से जुड़ी रहीं। उनके निधन के साथ सिमडेगा के सार्वजनिक जीवन से जुड़ा एक लंबा राजनीतिक और सामाजिक अध्याय समाप्त हो गया।


